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24 Aug 2020
नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से मांगी राय
नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों के शिक्षकों और प्राधानाध्यापकों से सुझाव मांगे हैं। इन सुझावों पर एनसीईआरटी के विशेषज्ञों की एक टीम मंथन करेगी। केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने रविवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘हम मानते हैं कि एनईपी 2020 को लागू करने में शिक्षकों की अहम भूमिका है। इसलिए हमने देशभर के सभी स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से सुझाव मांगने का फैसला किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाए।’’We believe that the teachers are the key to the implementation of #NEP2020, and hence we have decided to call for suggestions from all school teachers and Principals from across the country on how to take the implementation process of #NationalEducationPolicy forward. pic.twitter.com/ln8UIQjMdG— Dr. Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) August 23, 2020
स्कूल शिक्षा सचिव अनिता करवाल ने बताया, ‘‘शिक्षकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के वास्ते प्रश्नोत्तर प्रक्रिया के जरिए स्कूली शिक्षा के संबंध में एनईपी के हरेक विषय पर सुझाव मांगे जा रहे हैं। प्रश्न इस तरह बनाए जा रहे हैं कि शिक्षक उससे अपने को जोड़ पाएं। प्रत्येक प्रश्न में एनईपी के पैराग्राफ का संदर्भ दिया गया है ताकि अपने सुझाव अपलोड करने के पहले शिक्षक उसे बेहतर तरीके से समझ सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एनसीईआरटी के विशेषज्ञों की एक टीम सभी सुझावों पर गौर करेगी। सुझाव सीमित शब्दों के प्रारूप में मांगे गए हैं, लेकिन राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप में उपयोगी सुझाव को शामिल करने के लिए जरूरी लगने पर शिक्षक से निजी तौर पर संपर्क किया जाएगा।’’ देश में स्कूली और उच्च शिक्षा में व्यापक सुधार का रास्ता प्रशस्त करने के लिए सरकार ने पिछले महीने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी थी। इससे पहले 1986 में शिक्षा नीति बनाई गई थी।
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